Instacart AI price experiment को लेकर उठे विवाद के बाद कंपनी ने बड़ा फैसला लिया है। ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म ने माना कि उसके AI-आधारित मूल्य परीक्षणों से ग्राहकों के भरोसे को ठेस पहुंची और अब ऐसे सभी प्रयोग तुरंत बंद किए जा रहे हैं।
AI-आधारित दाम परीक्षण पर Instacart का अचानक यू-टर्न
22 दिसंबर 2025 को Instacart ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर चल रहे सभी AI-driven price tests समाप्त कर रहा है।
इन परीक्षणों के तहत एक ही समय पर, एक ही स्टोर से खरीदारी कर रहे अलग-अलग ग्राहकों को एक ही सामान के अलग-अलग दाम दिखाए जा रहे थे।
कंपनी के अनुसार, इस कदम का मकसद उपभोक्ताओं की कीमतों पर प्रतिक्रिया समझना था, लेकिन इसका असर उलटा पड़ गया।
रिपोर्ट से हुआ खुलासा, 23% तक दाम का अंतर
इस विवाद की जड़ एक स्वतंत्र अध्ययन बना, जिसे Consumer Reports और दो अन्य गैर-लाभकारी संस्थाओं ने जारी किया।
रिपोर्ट में सामने आया कि:
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कुछ ग्राहकों को वही ग्रॉसरी आइटम
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उसी स्टोर से
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उसी समय
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23% तक महंगे दाम पर दिखाए गए
औसतन, एक ही ग्रॉसरी लिस्ट की कीमत में 7% का अंतर पाया गया, जिसने उपभोक्ताओं में नाराज़गी बढ़ा दी।
Eversight टूल और सरकारी एजेंसियों की भूमिका
Instacart इस प्रयोग के लिए Eversight नाम के AI pricing tool का इस्तेमाल कर रहा था।
यह टूल रिटेलर्स को यह सुविधा देता था कि वे:
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अलग-अलग कीमतें दिखाकर
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ग्राहकों की खरीदारी आदतें समझ सकें
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ऊंचे या कम दाम पर प्रतिक्रिया माप सकें
हालांकि, U.S. Federal Trade Commission (FTC) ने इस टूल को लेकर Instacart से सवाल पूछे थे।
खास बात यह रही कि कंपनी की वेबसाइट पर पहले यह माना गया था कि ग्राहक इन परीक्षणों से अनजान रहते थे।
कंपनी का बयान: “यह ठीक नहीं था”
Instacart ने अपने ब्लॉग पोस्ट में ग्राहकों की नाराज़गी को स्वीकार किया।
कंपनी ने कहा:
“जब परिवार हर डॉलर बचाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे समय में इन परीक्षणों ने कीमतों को लेकर संदेह पैदा किया। यह बिल्कुल ठीक नहीं है।”
कंपनी ने साफ किया कि अब प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह के item-level price tests नहीं किए जाएंगे।
AI प्राइसिंग पर बढ़ता वैश्विक विवाद
Instacart AI price experiment कोई अकेला मामला नहीं है। हाल के वर्षों में AI-based pricing को लेकर कई सवाल उठे हैं।
इनमें शामिल हैं:
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Dynamic pricing (डिमांड के हिसाब से दाम)
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Personalized pricing (यूज़र डेटा के आधार पर कीमत)
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Algorithm-driven discounts और surge pricing
उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि ऐसी तकनीकें पारदर्शिता को कमजोर करती हैं और आम ग्राहकों के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं।
बाजार और उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद सोशल मीडिया और कंज्यूमर फोरम पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
कई यूज़र्स ने कहा कि:
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अब उन्हें कीमतों पर भरोसा करने में आसानी होगी
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AI pricing पर सख्त नियम जरूरी हैं
वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला AI regulation को लेकर आने वाले सख्त कानूनों का संकेत है।
FAQs
Q1. Instacart AI price experiment क्या था?
यह एक AI-आधारित प्रणाली थी, जिसमें अलग-अलग ग्राहकों को एक ही सामान के अलग-अलग दाम दिखाए जाते थे।
Q2. कीमतों में कितना अंतर पाया गया था?
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मामलों में दामों का अंतर 23% तक था, जबकि औसतन 7% का फर्क देखा गया।
Q3. क्या Instacart अब AI pricing पूरी तरह बंद कर रहा है?
कंपनी ने साफ किया है कि item price tests बंद किए जा रहे हैं, लेकिन अन्य तकनीकी टूल्स पर काम जारी रहेगा।
Disclaimer
यह खबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्ट्स और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। कीमतों, नीतियों और तकनीकी प्रयोगों में समय के साथ बदलाव संभव है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि खरीदारी से पहले प्लेटफॉर्म की शर्तें और मूल्य विवरण स्वयं जांच लें।

अजय कुमार एक अनुभवी ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल उद्यमी हैं।
वह TaazaDiary.com के संस्थापक और CEO हैं — जो खेल, शिक्षा, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों की ताज़ा व भरोसेमंद खबरें सरल हिंदी में प्रस्तुत करता है।
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