Zepto IPO 2025 को लेकर भारत के स्टार्टअप और शेयर बाजार जगत में हलचल तेज हो गई है। क्विक कॉमर्स यूनिकॉर्न Zepto ने बाजार नियामक SEBI के पास अपने आईपीओ से जुड़े शुरुआती दस्तावेज गोपनीय (Confidential) मार्ग के जरिए दाखिल कर दिए हैं। इस इश्यू के जरिए कंपनी लगभग ₹11,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रख रही है।
जानकारी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, Zepto IPO 2025 के तहत कंपनी ने Pre-filed Draft Red Herring Prospectus (DRHP) शेयर बाजारों और SEBI के समक्ष सौंपा है। यह पूरी प्रक्रिया अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट क्यों चुना Zepto ने
Zepto IPO 2025 के लिए चुना गया गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट कंपनियों को यह सुविधा देता है कि वे बिना सार्वजनिक दबाव के SEBI से प्रारंभिक प्रतिक्रिया प्राप्त कर सकें। इस मॉडल में कंपनियां बाजार की स्थितियों, निवेशकों की रुचि और नियामकीय सुझावों के अनुसार अपने आईपीओ प्लान में बदलाव कर सकती हैं।
हाल के वर्षों में कई बड़ी कंपनियों ने इसी रास्ते को चुना है, क्योंकि इससे आईपीओ टाइमिंग और वैल्यूएशन को लेकर ज्यादा लचीलापन मिलता है।
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2026 में शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, Zepto IPO 2025 के बाद कंपनी का लक्ष्य 2026 में भारतीय शेयर बाजारों के मेन बोर्ड पर लिस्ट होना है। अगर यह योजना सफल रहती है, तो Zepto देश की सबसे कम उम्र की लिस्टेड टेक स्टार्टअप्स में शामिल हो जाएगी।
लिस्टिंग के बाद Zepto का सीधा मुकाबला पहले से लिस्टेड क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी कंपनियों Zomato और Swiggy से होगा।
Zomato और Swiggy से तुलना का संदर्भ
Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal वर्ष 2021 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई थी, जबकि Swiggy ने अपने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Instamart के साथ नवंबर 2024 में डेब्यू किया था।
Zepto IPO 2025 इसी ट्रेंड को आगे बढ़ाता दिख रहा है, जहां तेजी से बढ़ती क्विक कॉमर्स कंपनियां पब्लिक मार्केट की ओर रुख कर रही हैं।
फंडिंग, वैल्यूएशन और निवेशकों का भरोसा
Zepto IPO 2025 से पहले कंपनी को निजी निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला है। Zepto की मौजूदा वैल्यूएशन करीब $7 बिलियन आंकी गई है। अब तक कंपनी कुल $1.8 बिलियन (लगभग ₹16,000 करोड़) की फंडिंग जुटा चुकी है।
अक्टूबर 2025 में Zepto ने $450 मिलियन (करीब ₹3,757.5 करोड़) की फंडिंग राउंड पूरी की थी, जिसका नेतृत्व California Public Employees’ Retirement System (CalPERS) ने किया था। इसी राउंड में कंपनी की वैल्यूएशन $7 बिलियन पर पहुंची।
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यूनिकॉर्न बनने से IPO तक का सफर
Zepto ने अगस्त 2023 में यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया था। तब कंपनी ने Series E फंडिंग राउंड में $200 मिलियन जुटाए थे और वैल्यूएशन $1.4 बिलियन रही थी।
इसके बाद Zepto IPO 2025 तक का सफर तेज विस्तार, भारी निवेश और आक्रामक बिजनेस मॉडल के जरिए तय हुआ।
फाउंडर्स और 10-मिनट डिलीवरी मॉडल
Zepto की स्थापना Aadit Palicha और Kaivalya Vohra ने की थी, जो Stanford University से पढ़ाई छोड़कर भारत लौटे थे। कंपनी का 10-मिनट ग्रॉसरी डिलीवरी मॉडल बड़े शहरों में तेजी से लोकप्रिय हुआ।
सितंबर 2025 तक Zepto के देशभर में 900 से ज्यादा डार्क स्टोर्स थे।
बिजनेस आंकड़े: बिक्री, खर्च और ग्रोथ
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक,
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Zepto की Gross Sales करीब $3 बिलियन (लगभग ₹26,000 करोड़) रही
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कंपनी का वार्षिक कैश बर्न ₹1,000–1,100 करोड़ के बीच रहा
इन आंकड़ों के साथ Zepto IPO 2025 निवेशकों के लिए हाई-ग्रोथ लेकिन हाई-रिस्क प्रोफाइल वाला इश्यू माना जा रहा है।
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स्टार्टअप से पब्लिक मार्केट तक का निर्णायक कदम
कुल मिलाकर, Zepto IPO 2025 भारत के क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है। गोपनीय फाइलिंग से यह संकेत मिलता है कि कंपनी बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर पब्लिक लिस्टिंग की दिशा में बढ़ रही है।
आने वाले महीनों में SEBI की प्रतिक्रिया और बाजार हालात यह तय करेंगे कि Zepto का यह बड़ा दांव निवेशकों के लिए कितना आकर्षक साबित होता है।

अजय कुमार एक अनुभवी ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल उद्यमी हैं।
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