Rohit Sharma World Cup 2023 statement ने भारतीय क्रिकेट फैंस को भावुक कर दिया है। पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने पहली बार खुलकर बताया कि 2023 विश्व कप की हार ने उन्हें अंदर से कितना तोड़ दिया था और उस दौर से निकलना कितना मुश्किल रहा।
2023 विश्व कप की हार ने रोहित शर्मा को अंदर तक झकझोर दिया
गुरुग्राम, हरियाणा में बातचीत के दौरान रोहित शर्मा ने स्वीकार किया कि 2023 विश्व कप का अंत पूरे भारतीय टीम के लिए बेहद निराशाजनक था। उन्होंने कहा कि फाइनल के नतीजे पर किसी को यकीन नहीं हो रहा था।
रोहित के मुताबिक, कप्तान बनने के बाद उन्होंने अपना हर अनुभव, हर ऊर्जा और हर योजना इसी विश्व कप में झोंक दी थी। ऐसे में हार का असर व्यक्तिगत रूप से उन पर बहुत गहरा पड़ा।
उन्होंने कहा कि उस समय शरीर में बिल्कुल भी ऊर्जा नहीं बची थी और मानसिक रूप से वह पूरी तरह टूट चुके थे।
महीनों तक चला मानसिक संघर्ष, खुद को संभालना आसान नहीं था
Rohit Sharma World Cup 2023 statement में सबसे अहम पहलू उनका मानसिक संघर्ष रहा। रोहित ने बताया कि उन्हें दो महीने से ज्यादा का वक्त लगा, तब जाकर वह खुद को फिर से सामान्य महसूस कर पाए।
उनके शब्दों में,
“यह बहुत कड़वी सच्चाई थी, जिसे स्वीकार करना आसान नहीं था।”
इस दौरान उन्होंने खुद को क्रिकेट से दूर महसूस किया। मैदान से दूर रहकर भी उनका दिमाग लगातार उसी हार के इर्द-गिर्द घूमता रहा।
जब क्रिकेट छोड़ने का भी ख्याल आया
रोहित शर्मा ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि शायद अब वह यह खेल नहीं खेलना चाहते।
उन्होंने स्वीकार किया कि क्रिकेट ने उनसे उस वक्त सब कुछ छीन लिया था—शारीरिक ताकत, मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन।
यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट के सबसे अनुभवी और सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।
2024 विश्व कप बना वापसी की उम्मीद
इस मुश्किल दौर से बाहर निकलने के लिए रोहित शर्मा ने अपना पूरा ध्यान आने वाली चुनौती पर केंद्रित किया—2024 टी20 विश्व कप।
उन्होंने कहा कि खुद को बार-बार यह याद दिलाना पड़ा कि क्रिकेट ही उनका सच्चा प्यार है और इसे इतनी आसानी से छोड़ा नहीं जा सकता।
यही सोच धीरे-धीरे उन्हें दोबारा मैदान तक खींच लाई।
मैदान पर लौटना आसान नहीं था
रोहित शर्मा ने बताया कि वापसी केवल भावनात्मक फैसला नहीं था, बल्कि इसके लिए बहुत सोच-विचार और मानसिक गणना करनी पड़ी।
खुद को दोबारा फिट करना, ट्रेनिंग शुरू करना और मैच की तीव्रता के लिए तैयार होना—हर कदम चुनौतीपूर्ण था।
उन्होंने माना कि दोबारा “मूव” करना ही सबसे मुश्किल हिस्सा था।
टीम इंडिया के लिए कप्तान का संदेश
Rohit Sharma World Cup 2023 statement सिर्फ एक व्यक्तिगत अनुभव नहीं, बल्कि यह पूरी टीम इंडिया के लिए एक संदेश भी है।
उनका मानना है कि हार चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उससे उबरना और आगे बढ़ना ही एक खिलाड़ी की असली परीक्षा होती है।
यही सोच युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।
फैंस और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
रोहित शर्मा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
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कई पूर्व क्रिकेटरों ने उनके ईमानदार बयान की सराहना की
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फैंस ने रोहित के संघर्ष को “मानवीय और सच्चा” बताया
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मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बोलने के लिए उन्हें सराहा गया
यह बयान खेल में मानसिक मजबूती की अहमियत को भी रेखांकित करता है।
#WATCH | Gurugram, Haryana | On 2023 World Cup, Former Indian Captain Rohit Sharma says, "everyone was very disappointed and we could not believe what happened. Personally, it was a very tough time because I had put everything into the World Cup since I took over as the… pic.twitter.com/PklR55mavS
— ANI (@ANI) December 21, 2025
भारतीय क्रिकेट में मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती चर्चा
रोहित शर्मा का यह बयान ऐसे समय आया है जब खेल जगत में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
खासकर भारतीय क्रिकेट टीम जैसे उच्च दबाव वाले माहौल में खिलाड़ियों पर उम्मीदों का बोझ लगातार बना रहता है।
रोहित का अनुभव बताता है कि बड़े खिलाड़ी भी इस दबाव से अछूते नहीं होते।
Disclaimer
यह रिपोर्ट रोहित शर्मा के सार्वजनिक बयान और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। इसमें किसी भी प्रकार की अटकल या निजी राय शामिल नहीं की गई है।

अजय कुमार एक अनुभवी ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल उद्यमी हैं।
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