Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review: कपिल शर्मा की उलझी शादियों ने क्यों बढ़ाया भावनाओं और हंसी का नया तूफान

कपिल शर्मा की नई कॉमेडी फिल्म Kis Kisko Pyaar Karoon 2 एक बार फिर बहु-विवाह और गलतफहमियों के चक्रव्यूह को मज़ेदार अंदाज़ में पेश करती है। पहले भाग की कहानी को आधुनिक सामाजिक संदर्भों के साथ बदला गया है, जहां धार्मिक संवेदनशीलता, पारिवारिक दबाव और रिश्तों की जटिलता प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

कपिल शर्मा की नई फिल्म में बदले जमाने की उलझनें और हल्की-फुल्की कॉमेडी

निर्देशक अनुकल्प गोस्वामी ने 2015 में आई पहली फिल्म की मूल कहानी को बरकरार रखा है लेकिन किरदारों और परिस्थितियों में कई नए बदलाव जोड़े हैं। एक दशक में समाज में आए बदलाव—धार्मिक मुद्दों पर संवेदनशीलता, महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता और अंतर-धर्म विवाह पर होने वाली बहस—कहानी में अप्रत्यक्ष रूप से झलकते हैं।

फिल्म की कहानी भोपाल के रेस्तरां मालिक मोहन (कपिल शर्मा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी प्रेमिका सानिया (हिरा वरीना) से शादी करना चाहता है, लेकिन परिवारों की रज़ामंदी न मिलने के कारण हालात लगातार बिगड़ते जाते हैं।

फिल्म की आंतरिक कहानी और नए प्लॉट ट्विस्ट सामने आए

फिल्म में कई ऐसी स्थितियां बनाई गई हैं जो कॉमेडी को आगे बढ़ाती हैं और मोहन के जीवन में नए संकट जोड़ती हैं।

मुख्य घटनाएं:

  • मोहन का सानिया से विवाह का प्रयास, लेकिन दोनों के पिता बाधा बनते हैं।

  • मोहन का सानिया के पिता को खुश करने के लिए धर्म परिवर्तन का प्रस्ताव रखना।

  • सानिया का घर छोड़कर भाग जाना और उसकी कज़िन रूही (आयेशा खान) का गलती से दुल्हन बन जाना।

  • मोहन के पिता द्वारा उसे मीरा (त्रिधा चौधरी) से शादी करवाना।

  • तीसरी शादी का झटका—कैथोलिक लड़की जैनी (पारुल गुलाटी) से अनजाने में विवाह।

इन सबके बीच मोहन का दोस्त हब्बी (मंजोत सिंह) भी सक्रिय भूमिका निभाता है और एक संगठन के दो कार्यकर्ताओं द्वारा गलतफहमी में फंस जाता है।

Kis Kisko Pyaar Karoon 2 के प्रमुख किरदार और कहानी की रफ्तार

फिल्म में शामिल मुख्य कलाकारों का अभिनय कई जगह कहानी को गति देता है:

  • कपिल शर्मा (मोहन) – तेज़ कॉमिक टाइमिंग, भ्रमित लेकिन चतुर किरदार

  • हिरा वरीना (सानिया) – भावनात्मक और संवेदनशील प्रस्तुति

  • त्रिधा चौधरी (मीरा) – शांत लेकिन प्रभावशाली भूमिका

  • पारुल गुलाटी (जैनी) – आधुनिक और सीधे-साधे अंदाज़ में दिखाई देती हैं

  • आयेशा खान (रूही) – हल्की कॉमिकता और नयापन

  • मंजोत सिंह (हब्बी) – उत्कृष्ट कॉमेडी

  • विपिन शर्मा, सुशांत सिंह – सहायक भूमिकाओं में मजबूत उपस्थिति

फिल्म में कई ऐसे संवाद भी हैं जो तुरंत हंसी पैदा करते हैं और बैक-टू-बैक दृश्य इसे और जीवंत बनाते हैं।

फिल्म की कॉमिक स्थितियां और बदलते सामाजिक मुद्दों का व्यंग्यात्मक चित्रण

फिल्म के जरिए जहां धार्मिक मुद्दों पर सामाजिक टिप्पणी की कोशिश दिखती है, वहीं हास्य के बहाने कई गंभीर विषयों को हल्के अंदाज़ में छुआ गया है।

फिल्म में इंटर-फेथ मैरिज, पारिवारिक दबाव और सामाजिक सक्रियता जैसे मुद्दे बार-बार उभरते हैं लेकिन यह सब पूरी तरह कॉमिक व्याख्या में ढले नजर आते हैं।

मोहन का “मैं हिंदुस्तानी हूं, सब धर्मों को मानता हूं” वाला संवाद जब दूसरे किरदारों द्वारा चुटकी में लिया जाता है, तो यह व्यंग्य को और तेज़ रूप में सामने लाता है।

दर्शकों के लिए क्या नया लेकर आती है Kis Kisko Pyaar Karoon 2?

दर्शकों को इस फिल्म में तेज़-रफ्तार कॉमेडी, भ्रम, गलत पहचान, पारिवारिक हास्य और पुराने जमाने की स्लैपस्टिक शैली का मिश्रण मिलता है।

हंसी के बीच मोहन की परेशानियां बढ़ती जाती हैं—

  • तीन पत्नियां

  • दो परिवार

  • एक प्रेमिका की गुमशुदगी

  • एक दोस्त की गलतफहमी

  • चौथी शादी की संभावनाएं

इन सभी को जोड़कर फिल्म एक हल्की-फुल्की कॉमिक दुनिया रचती है जहां तर्क कम और मनोरंजन अधिक है।

Kis Kisko Pyaar Karoon 2 की सिनेमाई शैली और निर्देशन

अनुकल्प गोस्वामी का निर्देशन तेज़ कट्स और छोटे दृश्यों पर आधारित है, जिससे फिल्म की कॉमिक गति बनी रहती है।

कई दृश्यों में 2015 वाली फिल्म की झलक मिलती है, लेकिन कहानी में आधुनिक तत्व जोड़ने की कोशिश की गई है।
फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक और संवाद डिलीवरी इसकी रफ्तार बनाए रखते हैं।

फिल्म को लेकर उद्योग में प्रतिक्रिया और दर्शकों की चर्चा

फिल्म की चर्चा सोशल मीडिया पर मजबूत है, खासकर कपिल शर्मा की वापसी और कॉमिक टाइमिंग को लेकर।

दर्शक दो हिस्सों में बंटे हुए दिखते हैं:

  • कुछ इसे हल्की-फुल्की पारिवारिक कॉमेडी मानते हैं

  • कुछ इसे पुरानी शैली की अतिरंजित कहानी बताते हैं

लेकिन मनोरंजन के लिहाज से फिल्म अपनी जगह बनाने की कोशिश करती है।

FAQs

1. क्या Kis Kisko Pyaar Karoon 2 परिवार के साथ देखने योग्य फिल्म है?

हां, यह एक हल्की-फुल्की कॉमेडी है जिसे परिवार के साथ देखा जा सकता है।

2. क्या फिल्म पहली फिल्म की कहानी दोहराती है?

कहानी की मूल शैली वही है, लेकिन इसमें कई नए किरदार और परिस्थितियां जोड़ी गई हैं।

3. फिल्म की खासियत क्या है?

कपिल शर्मा की कॉमिक टाइमिंग, तेज गति और व्यंग्यात्मक प्रस्तुति।

Disclaimer 

यह समीक्षा उपलब्ध जानकारी, फिल्म प्रदर्शन और आधिकारिक विवरणों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें किसी प्रकार की व्यक्तिगत राय या पक्षपात शामिल नहीं है।