India Inc non-bank funding growth का रुझान साफ तौर पर दिखने लगा है। भारतीय कंपनियां अब पारंपरिक बैंक कर्ज पर निर्भरता कम कर इक्विटी बाजार और कॉर्पोरेट बॉन्ड जैसे गैर-बैंक स्रोतों से पूंजी जुटाने की रणनीति अपना रही हैं।
बाजार आधारित फंडिंग की ओर बढ़ती कंपनियां
हालिया आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में नवंबर के अंत तक वाणिज्यिक क्षेत्र को कुल क्रेडिट ₹290.38 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
यह आंकड़ा एक साल पहले के ₹256.5 लाख करोड़ से 13.2% अधिक है।
इस बढ़ोतरी में India Inc non-bank funding growth की भूमिका सबसे अहम रही है, जिसने बैंक क्रेडिट की तुलना में कहीं तेज रफ्तार दिखाई।
बैंक बनाम गैर-बैंक फंडिंग: क्या कहते हैं RBI के आंकड़े
RBI के नवंबर 28 तक के डेटा के अनुसार:
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बैंकों से वाणिज्यिक क्षेत्र को दिया गया कर्ज
₹194.48 लाख करोड़,
सालाना आधार पर 11.4% वृद्धि -
गैर-बैंक स्रोतों से फंडिंग
₹95.91 लाख करोड़,
सालाना आधार पर 17% की तेज़ बढ़त
यह अंतर साफ संकेत देता है कि India Inc non-bank funding growth अब संरचनात्मक बदलाव का रूप ले रही है, न कि केवल अस्थायी ट्रेंड।
कंपनियां क्यों छोड़ रही हैं बैंक कर्ज
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं:
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ब्याज दरों में नरमी का चक्र
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पूंजी बाजारों में बेहतर लिक्विडिटी
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कॉर्पोरेट बॉन्ड और इक्विटी के जरिए सस्ती फंडिंग
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बैलेंस शीट को अधिक लचीला बनाने की रणनीति
IDFC First Bank की मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता के अनुसार,
“आसान वित्तीय स्थितियों और RBI द्वारा लिक्विडिटी बढ़ाने के कारण क्रेडिट ग्रोथ की गति बनी रहने की संभावना है।”
नई पूंजी का प्रवाह और FY26 की तस्वीर
नवंबर 28 तक वाणिज्यिक क्षेत्र को मिला कुल इंक्रीमेंटल फंड फ्लो ₹22.56 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष से 23% अधिक है।
FY26 (अब तक) के आंकड़े बताते हैं:
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बैंकों से अतिरिक्त फंडिंग:
₹12.4 लाख करोड़ (18% वृद्धि) -
गैर-बैंक स्रोतों से फंडिंग:
₹10.1 लाख करोड़ (29% की तेज उछाल)
यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि India Inc non-bank funding growth अब बैंकिंग सिस्टम के बराबर ताकत बन चुकी है।
बाजार और उद्योग पर इसका असर
इस बदलाव से:
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कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट को मजबूती
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इक्विटी बाजार में नई लिस्टिंग और क्यूआईपी गतिविधियां
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NBFC सेक्टर की भूमिका और बढ़ी
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बैंकों पर कर्ज दबाव में आंशिक राहत
उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि यह रुझान भारत को बैंक-निर्भर अर्थव्यवस्था से बाजार-आधारित फाइनेंसिंग मॉडल की ओर ले जा रहा है।
Disclaimer
यह रिपोर्ट उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों और विशेषज्ञ टिप्पणियों पर आधारित है। बाजार से जुड़ी परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। पाठक निवेश या वित्तीय निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह अवश्य लें।

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