Income Tax Refund 2025: AY 2025-26 के ITR रिफंड प्रोसेसिंग, वैधानिक समय-सीमा और देरी से जुड़े आधिकारिक तथ्य

आयकर विभाग आकलन वर्ष 2025-26 के आयकर रिटर्न का प्रसंस्करण कर रहा है। रिफंड जारी करने की समय-सीमा आयकर अधिनियम में निर्धारित है।

आयकर विभाग, भारत सरकार, वित्त वर्ष 2024-25 के लिए दाखिल रिटर्न से जुड़े Income Tax Refund 2025 का प्रसंस्करण कर रहा है। इस वर्ष ITR दाखिल करने की विस्तारित अंतिम तिथि 16 सितंबर 2025 थी। इसके बाद भी कई करदाताओं के रिफंड अभी प्रक्रिया में हैं।

आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार, विभाग को रिटर्न प्रोसेस करने के लिए निर्धारित वैधानिक अवधि दी गई है। इस अवधि के भीतर रिफंड जारी किया जाना या आवश्यक समायोजन किया जाना कानूनी रूप से मान्य है।

Read Also: EPFO UPI PF Withdrawal: EPFO 3.0 प्रोजेक्ट के तहत PF निकासी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की योजना

रिटर्न प्रोसेसिंग की कानूनी समय-सीमा

आयकर अधिनियम की धारा 143(1) के तहत, आयकर विभाग को आकलन वर्ष 2025-26 के लिए दाखिल आयकर रिटर्न को 31 दिसंबर 2026 तक प्रोसेस करने की अनुमति है। इसी अवधि के भीतर Income Tax Refund 2025 जारी किया जा सकता है या बकाया कर से समायोजन किया जा सकता है।

यह प्रावधान उन सभी रिटर्न पर लागू होता है, जिनका दाखिला वैध रूप से हुआ है और जिनकी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हैं।

रिफंड रोके जाने से जुड़े आधिकारिक कारण

आयकर विभाग और CBDT के अनुसार, कुछ स्थितियों में Income Tax Refund 2025 को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। इनमें शामिल हैं:

  • उच्च राशि वाले रिफंड मामलों में विसंगतियां

  • आयकर विभाग द्वारा सूचना (Intimation) जारी किया जाना

  • रिटर्न में दावा की गई कटौतियों से जुड़ी अनियमितताएं

  • CBDT के ‘Nudge’ अभियान के तहत चिन्हित रिटर्न

  • बैंक खाते की जानकारी में त्रुटि

  • पुराने कर बकाया का लंबित होना

  • 30 दिनों के भीतर ITR का ई-वेरिफिकेशन पूरा न होना

  • Form 26AS, AIS या TIS से डेटा का मेल न होना

  • रिटर्न का “Defective” के रूप में चिह्नित होना

  • ITR-V का CPC बेंगलुरु को देर से प्राप्त होना

इन मामलों में रिफंड आगे तभी बढ़ता है, जब संबंधित प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

रिफंड पर ब्याज और स्टेटस जांच

आयकर अधिनियम की धारा 244A के तहत, Income Tax Refund 2025 में देरी होने पर देय राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का प्रावधान है। यह ब्याज निर्धारित तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक गणना किया जाता है, बशर्ते देरी करदाता की ओर से न हो।

करदाता रिफंड की स्थिति निम्न आधिकारिक माध्यमों से जांच सकते हैं:

माध्यम विवरण
आयकर पोर्टल incometax.gov.in
रिफंड स्टेटस TIN-NSDL (SBI Refund Banker)
बैंक स्टेटमेंट “ITR Refund – CPC Bengaluru”
सूचना आयकर विभाग का ईमेल या SMS

सभी आयकर रिटर्न और Income Tax Refund 2025 से जुड़ा प्रसंस्करण सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC), बेंगलुरु द्वारा किया जाता है।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार आयकर विभाग, आयकर अधिनियम, 1961 और आधिकारिक पोर्टलों पर उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। इसमें कोई राय, विश्लेषण या अनुमान शामिल नहीं है।