JEE Main Result 2026 जारी होने के बाद लाखों छात्रों के मन में एक ही सवाल है – “मेरे marks अच्छे हैं, फिर भी percentile कम क्यों?” या “कम नंबर वाले को मुझसे बेहतर rank कैसे मिल गई?”
दरअसल, JEE Main 2026 का रिजल्ट सिर्फ raw marks पर आधारित नहीं होता, बल्कि NTA के percentile system से तय होता है। आइए आसान Hinglish में समझते हैं पूरा गणित।
JEE Main Result 2026
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Exam Conducted By: National Testing Agency (NTA)
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Exam Name: JEE Main
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Purpose: IIT, NIT और अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन
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Result Basis: Raw Score + Percentile System
हर साल अलग-अलग shifts में परीक्षा होने के कारण NTA normalization method का इस्तेमाल करता है ताकि सभी छात्रों के साथ fair comparison हो सके।
Raw Score क्या होता है?
Raw Score = आपके कुल प्राप्त अंक
Raw score वही marks हैं जो आपने exam में हासिल किए:
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सही जवाब के लिए positive marks
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गलत जवाब पर negative marking
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Unattempted questions पर zero
यानी, आपकी OMR या CBT performance का सीधा परिणाम है raw score।
लेकिन ध्यान रहे –
👉 Raw score सिर्फ आपकी performance दिखाता है, relative performance नहीं।
अगर आपने 180 marks स्कोर किए हैं, तो ये नहीं बताता कि बाकी students ने कितने marks पाए।

Percentile Score क्या दर्शाता है?
Percentile बताता है कि आपने अपनी shift में बाकी छात्रों की तुलना में कैसा प्रदर्शन किया।
उदाहरण से समझें:
अगर आपका percentile 95 है, तो इसका मतलब है:
आपने अपनी shift के 95% छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
⚠️ Percentile ≠ Percentage
Percentile कोई 100 में से नंबर नहीं है, बल्कि comparison metric है।
Raw Score और Percentile अलग क्यों होते हैं?
यहाँ से confusion शुरू होता है।
मान लीजिए:
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Student A: 170 marks (Easy Shift)
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Student B: 165 marks (Tough Shift)
अगर Tough Shift में कम छात्रों ने high score किया, तो Student B का percentile ज्यादा हो सकता है।
क्यों?
क्योंकि NTA Normalization Technique का उपयोग करता है।
इसका उद्देश्य है:
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Different shifts की difficulty level को balance करना
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Fair comparison सुनिश्चित करना
इसीलिए दो छात्रों के समान marks होने पर भी percentile अलग हो सकता है।
Percentile से कैसे बनती है All India Rank (AIR)?
JEE Main Result 2026 में All India Rank (AIR) percentile के आधार पर तय की जाती है।
छोटी सी percentile difference भी बड़ा impact डाल सकती है, खासकर high range में:
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99.5 percentile
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99.7 percentile
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99.9 percentile
इनके बीच सिर्फ 0.2 का अंतर भी हजारों ranks का फर्क पैदा कर सकता है।
AIR ही तय करती है कि आपको:
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IITs में मौका मिलेगा या नहीं
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NITs में कौन-सी branch मिलेगी
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JoSAA counselling में आपकी priority क्या होगी
FAQs
क्या high marks का मतलब high percentile है?
जरूरी नहीं। अगर आपकी shift आसान थी और कई छात्रों ने high score किया, तो percentile कम हो सकता है।
क्या दो छात्रों के समान marks पर rank अलग हो सकती है?
हाँ। Different shifts के कारण percentile अलग हो सकता है, जिससे rank में फर्क आता है।
JEE Main में percentage और percentile में क्या अंतर है?
Percentage = आपके 100 में से नंबर
Percentile = आपने कितने प्रतिशत छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया
क्या percentile intelligence को दर्शाता है?
नहीं। Percentile सिर्फ session-wise comparison है। यह आपकी क्षमता या भविष्य तय नहीं करता।
JEE Main Result 2026 को सही तरीके से कैसे समझें?
Raw score से घबराएं नहीं
Percentile को समझें
AIR पर ध्यान दें
Counselling eligibility carefully check करें
Percentile system छात्रों के लिए fair comparison सुनिश्चित करता है, लेकिन इसे समझना जरूरी है।
Conclusion
JEE Main Result 2026 में raw score और percentile का अंतर समझना बेहद जरूरी है।
Raw score बताता है कि आपने क्या स्कोर किया, जबकि percentile दिखाता है कि आपने दूसरों के मुकाबले कैसा प्रदर्शन किया।
छोटी सी percentile difference आपकी rank और college allotment पर बड़ा असर डाल सकती है। इसलिए result देखते समय panic करने के बजाय system को समझना ज्यादा जरूरी है।

अजय कुमार एक अनुभवी ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल उद्यमी हैं।
वह TaazaDiary.com के संस्थापक और CEO हैं — जो खेल, शिक्षा, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों की ताज़ा व भरोसेमंद खबरें सरल हिंदी में प्रस्तुत करता है।
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