CBSE Advisory: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने जनवरी 2026 में स्कूलों के लिए एक advisory जारी की है।
इस advisory में CBSE ने स्कूलों से कहा है कि वे छात्रों को कॉलेज और विश्वविद्यालय में दाखिले से पहले UGC मान्यता की जांच के लिए प्रोत्साहित करें।
यह advisory University Grants Commission (UGC) से प्राप्त आधिकारिक संचार के आधार पर जारी की गई है।
UGC ने CBSE से अनुरोध किया था कि वह छात्रों को fake और unrecognised higher educational institutions से बचाने के लिए जानकारी प्रसारित करे।
UGC वेबसाइट पर उपलब्ध है मान्यता की जानकारी
CBSE ने स्कूलों को बताया है कि UGC अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर fake universities और unrecognised institutions से संबंधित public notices नियमित रूप से जारी करता है।
UGC द्वारा मान्यता प्राप्त higher educational institutions की सूची वेबसाइट के “HEIs” सेक्शन में उपलब्ध कराई जाती है।
CBSE advisory के अनुसार, छात्रों को आवेदन से पहले इसी “HEIs” सेक्शन के माध्यम से किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय की recognition status की पुष्टि करनी चाहिए।
यह प्रक्रिया केवल UGC-recognised institutions में admission सुनिश्चित करने के लिए बताई गई है।
2026–27 सत्र को लेकर early awareness पर जोर
CBSE ने स्पष्ट किया है कि 2026–27 academic session के लिए admission process वर्तमान में चल रहा है।
इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने समय रहते छात्रों और अभिभावकों तक सही जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया है।
CBSE ने सभी affiliated schools को निर्देश दिया है कि वे कक्षा 10 और 12 के छात्रों को इस विषय में सक्रिय रूप से मार्गदर्शन दें।
इस counselling प्रक्रिया में parents या guardians को भी शामिल करने को कहा गया है।
बोर्ड के अनुसार, fake या self-styled institutions में admission लेने से छात्रों की academic progression प्रभावित हो सकती है।
इसी तथ्य के आधार पर awareness बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
स्कूलों को advisory प्रदर्शित करने के निर्देश
CBSE advisory के तहत स्कूलों को इसे notice boards पर prominently display करने को कहा गया है।
इसके अलावा, school websites, circulars और parent-teacher meetings के माध्यम से भी advisory साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
CBSE ने सभी affiliated schools से इन निर्देशों का strict compliance सुनिश्चित करने को कहा है।
इसका उद्देश्य छात्रों को unrecognised higher educational institutions से बचाना बताया गया है।
इससे पहले इसी सप्ताह CBSE ने affiliated schools के लिए mandatory public disclosure norms को लेकर एक अलग advisory भी जारी की थी।
उसमें schools को अपनी official websites पर updated और accurate institutional information उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
CBSE ने उस advisory में यह भी स्पष्ट किया था कि affiliation चाहने वाले या पहले से affiliated schools के लिए functional website अनिवार्य है।
नियमों का पालन न करने पर Affiliation Bye-laws के तहत penal action की बात कही गई थी।
यह रिपोर्ट केवल CBSE और UGC द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित है।

अजय कुमार एक अनुभवी ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल उद्यमी हैं।
वह TaazaDiary.com के संस्थापक और CEO हैं — जो खेल, शिक्षा, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों की ताज़ा व भरोसेमंद खबरें सरल हिंदी में प्रस्तुत करता है।
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