Reserve Bank of India (RBI) फरवरी 2026 की मौद्रिक नीति बैठक में RBI interest rate को अपरिवर्तित रख सकता है। यह जानकारी 14 जनवरी 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार यह आकलन अर्थशास्त्रियों ने महंगाई और वृद्धि से जुड़े नए आंकड़ों के संदर्भ में किया है।
फरवरी नीति बैठक पर नजर
रिपोर्ट में कहा गया है कि RBI फरवरी 2026 की नीति बैठक में रेपो रेट में बदलाव नहीं कर सकता। यह आकलन अर्थशास्त्रियों के हवाले से किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक RBI नए आधार वर्ष पर आधारित महंगाई और आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों का इंतजार कर सकता है। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद नीति से जुड़े संकेत अधिक स्पष्ट होने की बात कही गई है।
अर्थशास्त्रियों ने रिपोर्ट में बताया है कि नई आधार वर्ष श्रृंखला अगले महीने से लागू होगी। इसी वजह से फरवरी बैठक में RBI interest rate को यथावत रखने की संभावना जताई गई है।
Read Also: भारत सरकार ने Sabka Bima Sabki Raksha Insurance Laws Amendment Act 2025 को राजपत्र में प्रकाशित किया
नया आधार वर्ष और आंकड़ों की भूमिका
रिपोर्ट में कहा गया है कि नई महंगाई और वृद्धि श्रृंखला में उपभोक्ता टोकरी के वेट में बदलाव होगा। ये बदलाव मौजूदा उपभोग पैटर्न को दर्शाने के लिए किए जाएंगे।
रिपोर्ट के अनुसार इन बदलावों से वृद्धि और महंगाई के आंकड़ों की दिशा प्रभावित हो सकती है। इसी कारण RBI नीति दरों पर तत्काल कोई बदलाव करने से पहले इन नए आंकड़ों को देख सकता है।
इस संदर्भ में रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि RBI interest rate पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पूरा आकलन उपलब्ध सूचनाओं और अर्थशास्त्रियों के अनुमान पर आधारित बताया गया है।

तरलता प्रबंधन पर फोकस
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नीति दरों के बजाय ध्यान अब सिस्टम में तरलता पर केंद्रित हो सकता है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार RBI वित्तीय प्रणाली में धन की उपलब्धता से जुड़े उपायों पर फोकस कर सकता है।
रिपोर्ट में ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMOs) का उल्लेख किया गया है। इसके जरिए तरलता बढ़ाने की संभावना का जिक्र किया गया है।
इसके अलावा रिपोर्ट में RBI द्वारा विदेशी मुद्रा (FX) स्वैप्स किए जाने की जानकारी भी दी गई है। इसमें कहा गया है कि बढ़ती हेजिंग लागत के बीच FX स्वैप्स का इस्तेमाल किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार इन कदमों का संबंध तरलता प्रबंधन से है। RBI interest rate को लेकर किसी तरह के बदलाव की पुष्टि रिपोर्ट में नहीं की गई है।
Read Also: FD और म्यूचुअल फंड निवेश: RBI और SEBI के तहत उपलब्ध निवेश विकल्पों से जुड़े तथ्य
निष्कर्ष
रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2026 की मौद्रिक नीति बैठक में RBI interest rate को यथावत रखने की संभावना जताई गई है। नई महंगाई और वृद्धि श्रृंखला, तरलता प्रबंधन और FX स्वैप्स से जुड़े तथ्य इस आकलन का आधार बताए गए हैं।
फिलहाल RBI interest rate पर अंतिम फैसला केंद्रीय बैंक की आधिकारिक नीति घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

अजय कुमार एक अनुभवी ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल उद्यमी हैं।
वह TaazaDiary.com के संस्थापक और CEO हैं — जो खेल, शिक्षा, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों की ताज़ा व भरोसेमंद खबरें सरल हिंदी में प्रस्तुत करता है।
अजय कुमार का उद्देश्य है—हर पाठक तक सटीक, निष्पक्ष और उपयोगी जानकारी पहुँचाना।