भारत में निवेश के लिए FD और म्यूचुअल फंड निवेश जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। ये दोनों विकल्प अलग-अलग नियामक ढांचे के तहत संचालित होते हैं। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट Reserve Bank of India (RBI) के अंतर्गत आते हैं, जबकि म्यूचुअल फंड Securities and Exchange Board of India (SEBI) द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं।
RBI, SEBI, Association of Mutual Funds in India (AMFI) और आयकर विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन निवेश विकल्पों की संरचना, नियम और कर व्यवस्था अलग-अलग निर्धारित की गई है।
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बैंक FD से जुड़े आधिकारिक तथ्य
RBI के अनुसार, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने पर मिलने वाला ब्याज पहले से तय होता है। अलग-अलग बैंक अपनी एफडी ब्याज दरें स्वयं घोषित करते हैं और इन्हें समय-समय पर अपडेट किया जाता है।
RBI के अंतर्गत कार्यरत Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) के नियमों के अनुसार, किसी एक बैंक में प्रति जमाकर्ता ₹5 लाख तक की जमा राशि बीमित होती है। इस बीमा सीमा में मूलधन और उस पर अर्जित ब्याज दोनों शामिल होते हैं।
RBI यह भी स्पष्ट करता है कि रेपो रेट में बदलाव के बाद बैंक अपनी एफडी ब्याज दरों में संशोधन कर सकते हैं। कई बैंक सीनियर सिटीज़न्स को सामान्य जमाकर्ताओं की तुलना में अधिक ब्याज दर की सुविधा प्रदान करते हैं।
FD और म्यूचुअल फंड निवेश के संदर्भ में, आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, बैंक एफडी से प्राप्त ब्याज को कर योग्य आय माना जाता है।
म्यूचुअल फंड को लेकर नियामक जानकारी
SEBI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारत में संचालित सभी म्यूचुअल फंड योजनाएं SEBI के नियमन के अंतर्गत आती हैं। म्यूचुअल फंड उद्योग से जुड़ी जानकारी और आंकड़े Association of Mutual Funds in India (AMFI) द्वारा प्रकाशित किए जाते हैं।
SEBI के दिशानिर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े निवेश उत्पाद हैं और इनमें मिलने वाला रिटर्न पहले से तय नहीं होता। इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड शेयर बाजार में निवेश करते हैं और इनका मूल्यांकन नेट एसेट वैल्यू (NAV) के आधार पर किया जाता है।
AMFI के अनुसार, म्यूचुअल फंड योजनाओं की श्रेणियां, उनकी निवेश प्रकृति और प्रदर्शन से संबंधित विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराए जाते हैं।
FD और म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े कर प्रावधानों के तहत, आयकर विभाग द्वारा इक्विटी म्यूचुअल फंड में दीर्घकालिक निवेश के लिए अलग कर व्यवस्था निर्धारित की गई है।
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FD और म्यूचुअल फंड: प्रमुख तथ्य (तालिका)
| निवेश विकल्प | नियामक संस्था | रिटर्न की स्थिति | कर व्यवस्था |
|---|---|---|---|
| बैंक FD | RBI | पहले से तय | ब्याज पर आयकर |
| म्यूचुअल फंड | SEBI | बाजार आधारित | अलग कर प्रावधान |
नियामक संस्थाओं की भूमिका
RBI बैंकिंग प्रणाली और जमा योजनाओं से जुड़े नियम तय करता है। SEBI पूंजी बाजार और म्यूचुअल फंड के लिए नियामक दिशा-निर्देश जारी करता है। AMFI म्यूचुअल फंड उद्योग से संबंधित आंकड़े और जानकारी उपलब्ध कराता है।
FD और म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़ी आधिकारिक जानकारी RBI, SEBI, AMFI और आयकर विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
Disclaimer
यह समाचार RBI, SEBI, AMFI और आयकर विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित है। इसमें किसी प्रकार की राय, व्याख्या, निवेश सलाह या भविष्यवाणी शामिल नहीं है।

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