पूर्व सैनिक वीरेंद्र सिंह ने Hamirpur farming subsidy scheme के तहत खेती से ₹4–5 लाख वार्षिक आय दर्ज की

हमीरपुर जिले के कोटलू गांव के पूर्व सैनिक वीरेंद्र सिंह ने राज्य सरकार की Hamirpur farming subsidy scheme का लाभ लेकर व्यावसायिक खेती शुरू की है। यह जानकारी 11 जनवरी 2026 को यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया (UNI) की रिपोर्ट में सामने आई।

UNI के अनुसार, सेना से सेवानिवृत्ति के बाद वीरेंद्र सिंह ने अपने पैतृक खेतों में पारंपरिक फसलों के बजाय नकदी फसलों की खेती शुरू की। शुरुआती चरण में उन्हें जुताई और सिंचाई से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने कृषि और बागवानी विभाग की सब्सिडी योजनाओं के लिए आवेदन किया।

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कृषि उपकरण और सिंचाई पर मिली सब्सिडी

UNI रिपोर्ट के मुताबिक, वीरेंद्र सिंह ने खेत की जुताई के लिए एक पावर टिलर खरीदा। पावर टिलर की कुल लागत लगभग ₹58,000 बताई गई है, जिस पर उन्हें 50 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में ₹29,000 मिले। इसके साथ ही उन्होंने स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई प्रणाली भी लगवाई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सिंचाई उपकरणों पर 80 प्रतिशत सब्सिडी दी गई, जिसकी राशि ₹40,000 रही। इन सुविधाओं के बाद उन्होंने सब्जी उत्पादन की शुरुआत की। यह पूरी प्रक्रिया Hamirpur farming subsidy scheme के तहत उपलब्ध सहायता से जुड़ी बताई गई है।

वर्तमान में वीरेंद्र सिंह फूलगोभी, मटर, टमाटर, लहसुन और प्याज जैसी सब्जियों की खेती कर रहे हैं। UNI के अनुसार, उनके पास लगभग तीन कनाल भूमि पर मटर की फसल है, जिससे 10 से 12 क्विंटल उत्पादन की उम्मीद जताई गई है।

सब्जी उत्पादन, बिक्री और अन्य गतिविधियां

UNI रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछली फसल में वीरेंद्र सिंह ने लगभग 25 क्विंटल फूलगोभी का उत्पादन किया था। इस फसल को हमीरपुर सब्जी मंडी में ₹40 प्रति किलो तक के भाव पर बेचा गया। सब्जियों की बिक्री से उनकी वार्षिक आय ₹4 से ₹5 लाख के बीच बताई गई है।

सब्जी खेती के अलावा, वीरेंद्र सिंह ने अन्य गतिविधियां भी शुरू की हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लिया, जो तीन महीने पहले पूरा किया गया था। इसके बाद उन्होंने घर पर 150 बैग से मशरूम उत्पादन शुरू किया।

UNI के मुताबिक, पहली मशरूम फसल की बिक्री से ₹11,000 की आय दर्ज की गई। इसके साथ ही उन्होंने पोल्ट्री और बकरी पालन जैसी गतिविधियां भी शुरू की हैं। रिपोर्ट में इन सभी कार्यों को Hamirpur farming subsidy scheme और राज्य सरकार की कृषि से जुड़ी योजनाओं से जोड़ा गया है।

UNI की रिपोर्ट में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कृषि, बागवानी और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन योजनाओं के तहत दी गई सुविधाओं का उपयोग कर वीरेंद्र सिंह ने खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाया।

इस प्रकार, रिपोर्ट में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह सामने आता है कि Hamirpur farming subsidy scheme के तहत मिली सहायता से कोटलू गांव में कृषि से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

Disclaimer

यह समाचार यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया (UNI) की रिपोर्ट में प्रकाशित तथ्यों पर आधारित है। इसमें किसी प्रकार की राय, व्याख्या या अतिरिक्त जानकारी शामिल नहीं की गई है।

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