PMAY-U Odisha: प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U) की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है।
केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस तिथि के बाद योजना के तहत कोई केंद्रीय सहायता उपलब्ध नहीं होगी।
केंद्रीय मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए संचार के अनुसार, PMAY-U Odisha के तहत अधूरे पड़े करीब 48 हजार शहरी आवासों का निर्माण अब राज्य सरकार अपने संसाधनों से पूरा करेगी। यह निर्णय योजना की निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद लिया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U) की शुरुआत 25 जून 2015 को की गई थी। योजना का उद्देश्य पात्र शहरी लाभार्थियों को बुनियादी सुविधाओं के साथ सभी मौसम में रहने योग्य पक्के आवास उपलब्ध कराना था। पहले इसकी अवधि 31 मार्च 2022 तक थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 किया गया।
मंत्रालय ने यह भी बताया है कि योजना की अवधि बढ़ाने के दौरान फंडिंग पैटर्न और कार्यान्वयन प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया था। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि 31 दिसंबर 2025 के बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को PMAY-U के तहत कोई केंद्रीय सहायता नहीं दी जाएगी।
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PMAY-U के तहत राष्ट्रीय स्थिति
मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U) के अंतर्गत देशभर में कुल 111.62 लाख आवास स्वीकृत किए गए। इनमें से 69.75 लाख आवास लाभार्थी-नेतृत्वित निर्माण (BLC) श्रेणी के तहत मंजूर किए गए थे।
BLC श्रेणी में अब तक 54.65 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। केंद्रीय स्वीकृति और निगरानी समिति की बैठकों में यह स्पष्ट किया गया कि योजना की अवधि 31 दिसंबर 2025 तक ही सीमित थी।
PMAY-U Odisha में शहरी आवासों की स्थिति
राज्य स्तर पर PMAY-U Odisha के तहत शहरी गरीबों के लिए कुल 1.84 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 1.36 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 48,000 आवास विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं।
अधिकारियों के अनुसार, PMAY-U Odisha के अंतर्गत राज्य की कुल सफलता दर 73 प्रतिशत दर्ज की गई है। आवास निर्माण की गति बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में ‘100 डेज़ चैलेंज’ जैसी पहल भी की थी।
प्रमुख आंकड़े
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| PMAY-U की शुरुआत | 25 जून 2015 |
| योजना की अंतिम तिथि | 31 दिसंबर 2025 |
| देशभर में स्वीकृत आवास | 111.62 लाख |
| BLC में स्वीकृत आवास | 69.75 लाख |
| BLC में पूर्ण आवास | 54.65 लाख |
| ओडिशा में स्वीकृत आवास | 1.84 लाख |
| ओडिशा में पूर्ण आवास | 1.36 लाख |
| ओडिशा में अधूरे आवास | लगभग 48,000 |
| ओडिशा की सफलता दर | 73 प्रतिशत |
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधूरे आवासों से जुड़ी शेष वित्तीय जिम्मेदारी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने संसाधनों से वहन करनी होगी। इसके साथ ही BLC श्रेणी के उन गैर-शुरुआती आवासों के लिए कोई केंद्रीय सहायता जारी नहीं की जाएगी, जिनके लिए पहली किस्त जारी नहीं हुई थी।
मंत्रालय के पत्र के बाद ओडिशा शहरी आवास मिशन के मिशन निदेशक सुभानंद मोहापात्रा ने नगर आयुक्तों और कार्यकारी अधिकारियों को केंद्रीय निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है।
Disclaimer:
यह समाचार आधिकारिक सरकारी संचार और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। इसमें किसी प्रकार की राय, विश्लेषण या भविष्य संबंधी अनुमान शामिल नहीं है।

अजय कुमार एक अनुभवी ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल उद्यमी हैं।
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