हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) ने अपने ऋण बोझ को कम करने की दिशा में बड़ी राहत पाते हुए PRPL के लिए कॉरपोरेट गारंटी में महत्वपूर्ण कटौती की है। इस अपडेट के बाद बाजार में कंपनी के शेयर चढ़े और निवेशकों की रुचि बढ़ी। यह कदम कंपनी के हाल ही में घोषित HCC Rights Issue को भी मजबूत आधार देता है।
कंपनी ने गुरुवार को बताया कि उसने ₹3,364 करोड़ की कॉरपोरेट गारंटी कटौती को औपचारिक रूप से लागू किया है। यह बदलाव ऋणदाताओं की मंजूरी के बाद किया गया है। इसके बाद HCC की गारंटी सिर्फ ₹571 करोड़ तक सीमित रह गई है, जो PRPL को स्थानांतरित मूल राशि का 20% है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार यह कदम कंपनी की बैलेंस शीट सुधारने और पूंजी जुटाने की क्षमता बढ़ाने के लिए अहम है।
प्रक्रिया के तहत HCC ने पहले ₹2,854 करोड़ का कर्ज PRPL को ट्रांसफर किया था। इसके साथ ₹6,508 करोड़ के अवॉर्ड्स और क्लेम्स भी स्थानांतरित किए गए, जबकि HCC ने इस इकाई में 49% इक्विटी स्टेक बरकरार रखा। यह पुनर्गठन पिछले कुछ वर्षों से कंपनी द्वारा अपनाई गई डीलिवरेजिंग रणनीति का हिस्सा है।
कंपनी ने बताया कि PRPL का कुल ऋण, ब्याज सहित, अब ₹3,935 करोड़ हो चुका है, जबकि अवॉर्ड्स और क्लेम्स की राशि ₹6,325 करोड़ है। इनके लिए HCC ने पहले 100% गारंटी दी थी, जिसे अब काफी कम कर दिया गया है। कंपनी के अनुसार यह परिवर्तन उसके निवेश-ग्रेड रेटिंग को बेहतर करेगा और कैपिटल मार्केट से फंड जुटाने को आसान बनाएगा।
नवीनतम ढांचे के लागू होने के बाद HCC को बड़े पैमाने पर क्रेडिट सुविधाओं तक पहुंच संभव होगी। कंपनी ने बताया कि यह बदलाव हाल में घोषित Rights Issue के लिए भी सकारात्मक संकेत है, जिसे प्रमोटर समूह का समर्थन प्राप्त है। HCC ने यह भी स्पष्ट किया कि revised guarantee framework सभी नियामकीय और कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप है।
इस घोषणा के बाद HCC के शेयरों में तेज़ी देखी गई। गुरुवार के सत्र में शेयर 5% तक चढ़कर ₹19.13 के इंट्राडे हाई पर पहुंचा और आखिर में ₹18.785 पर बंद हुआ, जो 3.46% की बढ़त है। NSE के अनुसार कंपनी का मार्केट कैप अब ₹4,908.88 करोड़ है।
कंपनी का प्रोफाइल
Hindustan Construction Company Ltd भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनियों में से एक है। कंपनी परिवहन, पावर, मरीन, ऑयल-एंड-गैस, वाटर सप्लाई, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स में विशेषज्ञता रखती है।
1926 में सेठ वालचंद हीराचंद द्वारा स्थापित, इसका मुख्यालय मुंबई में है। कंपनी ने भारत में कई हाइड्रोइलेक्ट्रिक और न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं, जिनमें बांध, सुरंग और पावरहाउस शामिल हैं।
विशेष सेक्शन (Corporate / Market Update)
HCC Rights Issue से क्या बदलेगा?
• कंपनी अब अधिक पूंजी जुटाने के लिए आरामदायक स्थिति में है।
• बैलेंस शीट का कर्ज बोझ घटने से निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है।
• बड़े प्रोजेक्ट्स और क्रेडिट लाइन तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
यह कटौती क्यों महत्वपूर्ण है?
• HCC काफी समय से डीलिवरेजिंग मोड में है।
• PRPL गारंटी घटने से जोखिम प्रोफाइल बेहतर होगा।
• वित्तीय स्थिरता बढ़कर कंपनी के आगामी प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी।
अगली अपडेट में क्या उम्मीद?
कंपनी आने वाले हफ्तों में Rights Issue पर विस्तृत समयसीमा साझा कर सकती है। इसके साथ ही, PRPL के अवॉर्ड्स और क्लेम्स की रिकवरी पर भी बाजार की नजर बनी रहेगी।
निष्कर्ष
HCC द्वारा PRPL गारंटी में भारी कटौती और Rights Issue की तैयारी कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत दिशा देती है और उसके आगामी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए सकारात्मक संकेत है।
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अजय कुमार एक अनुभवी ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल उद्यमी हैं।
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