भारतीय मूल के स्टील उद्योगपति Lakshmi Mittal UK exit को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटेन में टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव और ‘नॉन-डॉम’ स्टेटस खत्म होने के बाद वह देश छोड़ने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि अब वह अपना अधिकतर समय दुबई में बिताएंगे।
UK की नई टैक्स पॉलिसी से बढ़ी अरबपतियों की चिंता
ब्रिटेन की लेबर सरकार लंबे समय से टैक्स सुधारों पर काम कर रही है। इन बदलावों का सीधा असर देश में रहने वाले हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स पर पड़ने वाला है।
सबसे बड़ा झटका “नॉन-डॉम” टैक्स स्टेटस खत्म होने से लगा। यह नियम कई दशकों से लागू था और विदेशों से कमाई गई आय पर टैक्स न लगने की छूट देता था।
धनी प्रवासियों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह वैश्विक संपत्ति को inheritance tax से भी बचाती थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए टैक्स बदलावों के बाद कई सुपर-रिच परिवार ब्रिटेन छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। इसी श्रेणी में Lakshmi Mittal का नाम सबसे प्रमुख रूप से सामने आया है।
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नॉन-डॉम स्टेटस खत्म होने का क्या मतलब?
ब्रिटेन में नॉन-डॉम (Non-Domiciled) का अर्थ था—
कि व्यक्ति भले ही UK में रहता हो, लेकिन टैक्स सिर्फ UK-source आय पर लगता था।
नई नीति के बाद—
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वैश्विक आय और संपत्ति पर टैक्स लगाया जाएगा
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विदेश में रखे एसेट्स पर भी टैक्स लागू होगा
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उत्तराधिकार (inheritance) पर 40% तक टैक्स लग सकता है
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टैक्स रेजिडेंसी के कई लाभ समाप्त हो जाएंगे
ब्रिटिश मीडिया की मानें तो यह बदलाव सिर्फ Mittal ही नहीं, बल्कि देश में बसे कई अरबपतियों के लिए बड़ा झटका हैं।
लक्ष्मी मित्तल के UK छोड़ने की रिपोर्ट क्यों चर्चा में है?
The Times की रिपोर्ट के अनुसार, Lakshmi Mittal अब UK में स्थायी रूप से नहीं रहेंगे।
वह टैक्स रेजिडेंसी के तौर पर पहले ही Switzerland में स्थानांतरित हो चुके हैं। अब जानकारी है कि वह ज्यादातर समय Dubai में रहेंगे।
इस फैसले की तीन प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं—
1. सबसे बड़ा कारण—Inheritance Tax (IHT)
Inheritance tax 40% तक जाता है।
बड़ी कंपनियों और पारिवारिक संपत्तियों के लिए यह टैक्स बेहद भारी होता है।
2. वैश्विक संपत्ति पर टैक्स
Mittal परिवार की भारी संपत्ति UK, यूरोप और UAE में फैली हुई है।
नए कानूनों के तहत यह सब टैक्स दायरे में आ सकता है।
3. सुपर-रिच टैक्स रेजीम
नवंबर के बजट में नया “Super Rich Tax” लागू होने की तैयारी है, जिससे आय और संपत्ति—दोनों पर उच्च टैक्स लगेगा।
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स्टील टायकून की वैश्विक यात्रा और कारोबार
कम उम्र से कारोबार में शुरुआत
लक्ष्मी मित्तल राजस्थान में जन्मे और कोलकाता यूनिवर्सिटी से कॉमर्स ग्रेजुएट हैं।
उन्होंने पिता के स्टील बिजनेस में शुरुआत की और 1976 में इंडोनेशिया में पहला स्टील प्लांट लगाया।
ArcelorMittal—दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी
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2006 में उन्होंने यूरोप की Arcelor को खरीदा
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दोनों के विलय से ArcelorMittal बनी
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कंपनी की वार्षिक आय 60 अरब डॉलर से अधिक
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वैश्विक कर्मचारियों की संख्या—1.25 लाख से ज्यादा
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मित्तल परिवार की हिस्सेदारी—लगभग 40%
फोर्ब्स के अनुसार उनकी नेट वर्थ 21.4 बिलियन डॉलर है, जो उन्हें दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल करती है।
लंदन की आलीशान लाइफस्टाइल अब अतीत बनेगी
1995 में Mittal लंदन शिफ्ट हुए थे।
उन्होंने Kensington Palace Gardens में 55,000 sq ft का आलीशान मेंशन खरीदा—जिसे “Taj Mittal” कहा जाता है।
इस संपत्ति में—
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सोने-जड़ित स्विमिंग पूल
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भव्य बॉलरूम
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Turkish Bath
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20 कारों का पार्किंग स्पेस
वह लेबर पार्टी को लाखों पाउंड दान भी कर चुके हैं।
लेकिन टैक्स सुधारों के बाद ब्रिटेन उनके लिए एक महंगा ठिकाना बन गया है।
दुबई और स्विट्जरलैंड—टैक्स-फ्रेंडली विकल्प
दोनों देशों में inheritance tax नहीं लगाया जाता।
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स्विट्जरलैंड निवेशकों के लिए स्थिर और टैक्स-फ्रेंडली माना जाता है
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दुबई में रियल एस्टेट, कैपिटल गेंस और इनकम पर टैक्स लगभग शून्य है
Mittal पहले से Emirates Hills में एक शानदार मेंशन के मालिक हैं।
दुबई में उनके कई अन्य प्रोजेक्ट्स में भी निवेश है।
UK से बड़ी संख्या में हो रही अरबपतियों की विदाई
Mittal पहला बड़ा नाम नहीं है।
पिछले कुछ महीनों में कई हाई-प्रोफाइल लोग UK छोड़ चुके हैं—
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टेक उद्यमी Herman Narula
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Revolut के फाउंडर Nik Storonsky
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फुटबॉलर Rio Ferdinand
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मिस्र के अरबपति Nassef Sawiris
इन सभी ने टैक्स संरचना में बदलाव को मुख्य वजह बताया।
ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर?
कई विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स के जाने से—
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विदेशी निवेश घट सकता है
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लक्ज़री रियल एस्टेट मार्केट पर दबाव बढ़ सकता है
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स्टार्टअप और फाइनेंस सेक्टर प्रभावित हो सकता है
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लेबर सरकार की टैक्स नीति पर सवाल उठ सकते हैं
दूसरी ओर समर्थकों का कहना है कि—
नई टैक्स पॉलिसी समानता लाएगी और बजट घाटा कम करने में मदद करेगी।
लोगों और निवेशकों की प्रतिक्रिया
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार—
“इस पॉलिसी से प्रभावित लोग निराश और कुछ हद तक गुस्से में हैं। उन्हें लगता है कि UK अब हाई-नेट-वर्थ व्यक्तियों के लिए मैत्रीपूर्ण देश नहीं रहा।”
ऑनलाइन यूज़र्स भी इस मुद्दे पर बंटे दिखाई देते हैं।
कुछ कहते हैं कि अरबपति टैक्स से बचना चाहते हैं,
जबकि कुछ इसे UK का आर्थिक नुकसान बता रहे हैं।
FAQs
1. Lakshmi Mittal UK exit का मुख्य कारण क्या है?
UK में नॉन-डॉम स्टेटस खत्म होना और इनहेरिटेंस टैक्स (40%) लागू होने की संभावना उनकी सबसे बड़ी चिंता बताई जा रही है।
2. Lakshmi Mittal अब कहाँ रहेंगे?
रिपोर्ट्स के अनुसार, वह टैक्स रेजिडेंसी के रूप में स्विट्जरलैंड और बड़े समय के लिए दुबई को चुनेंगे।
3. UK में सुपर-रिच टैक्स क्या है?
यह प्रस्तावित टैक्स उच्च आय और वैश्विक संपत्ति दोनों पर लागू होगा, जो अरबपतियों के टैक्स बोझ को काफी बढ़ा देगा।
Disclaimer
यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा और विश्वसनीय बिज़नेस स्रोतों पर आधारित है। किसी भी व्यक्ति या संस्था की नीयत पर टिप्पणी नहीं की गई है।

अजय कुमार एक अनुभवी ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल उद्यमी हैं।
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