AI for Internal Talent: कंपनियों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चुनी जा रही है इन-हाउस टैलेंट की नई पीढ़ी

AI for internal talent अब सिर्फ टेक्नोलॉजी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। आज लगभग हर सेक्टर की कंपनियां अपने कर्मचारियों में हाई-पोटेंशियल (HiPo) टैलेंट को पहचानने और विकसित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रही हैं।

कंपनी का HR अब सिर्फ पेरोल या परफॉर्मेंस रिव्यू तक सीमित नहीं है — बल्कि यह AI की मदद से ऐसे कर्मचारियों को खोज रहा है जो भविष्य के लीडर बन सकते हैं।

 Zensar की पहल: इनोवेशन से HR में आया बड़ा बदलाव

IT कंपनी Zensar Technologies ने हाल ही में अपना इन-हाउस AI हैकाथॉन ZenseAI SPARK आयोजित किया।
कंपनी के CHRO विवेक रंजन के अनुसार, “यह प्लेटफॉर्म न केवल क्रिएटिव प्रॉब्लम सॉल्विंग को बढ़ावा देता है, बल्कि इससे कंपनी को भविष्य के लिए तैयार हाई-पोटेंशियल टैलेंट को पहचानने में भी मदद मिली।”

पहले जहां ऐसे प्रोजेक्ट्स CTOs या COOs के लिए होते थे, अब HR भी AI का सीधा इस्तेमाल कर रहा है — यानी अब AI और HR का मिलन नया ट्रेंड बन गया है। 

 क्यों जरूरी हुआ AI for Internal Talent?

पहले कंपनियां टैलेंट पहचानने के लिए सिर्फ सीनियरिटी, लीडरशिप स्किल और परफॉर्मेंस रिपोर्ट्स पर निर्भर रहती थीं।
लेकिन अब मापदंड बदल रहे हैं।

अब कंपनियां उन कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं जिनमें ये क्षमताएं हैं:

  • Learning Velocity (सीखने की गति)

  • AI Collaboration Fluency (AI के साथ काम करने की दक्षता)

  • Innovation and Experimentation (नई सोच और प्रयोग करने की क्षमता)

यानी अब AI fluency और adaptability को टैलेंट की नई परिभाषा माना जा रहा है।

 Human + AI Partnership: Innovaccer का नया मॉडल

डिजिटल हेल्थकेयर कंपनी Innovaccer के ग्लोबल हेड ऑफ पीपल एक्सपीरियंस सत्यजीत मेनन के मुताबिक —
“अब हाई पोटेंशियल कर्मचारी वही नहीं हैं जो सिर्फ अच्छा परफॉर्म करते हैं, बल्कि वो हैं जो बदलाव के साथ ‘fluid’ रह सकते हैं।”

AI अब बड़ी मात्रा में परफॉर्मेंस डेटा, स्किल्स और ग्रोथ ट्रेजेक्टरी को स्कैन करता है, जिससे मैनेजमेंट को यह समझने में मदद मिलती है कि कौन-से कर्मचारी भविष्य में लीडरशिप रोल संभाल सकते हैं।

Innovaccer का दावा है कि उनके AI मॉडल्स 15-20% ज्यादा सटीक हैं टैलेंट की पहचान और रिटेंशन प्रेडिक्शन में।

साथ ही, कंपनी के AI-संचालित “फ्लाइट सिमुलेटर्स” ने नए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने में लगने वाला समय लगभग 40% तक घटा दिया है।

 IIFL Finance: Bias-free Decision के लिए Human + AI मॉडल

IIFL Finance की CHRO प्रीति कन्नन के अनुसार, अब HR प्रक्रियाएं “Human + AI” बन चुकी हैं।
AI न केवल मैनेजर्स की ऑब्ज़र्वेशन को वैलिडेट करता है बल्कि छिपे हुए टैलेंट (Hidden HiPos) को भी सामने लाता है।

कन्नन बताती हैं कि उनकी कंपनी के 60% से अधिक बिजनेस फंक्शन पहले ही AI-टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
HR में AI के उपयोग से:

  • Talent Analytics और Personalised Learning तेज हुए हैं

  • AI Helpdesk की वजह से क्वेरी रिस्पॉन्स एफिशिएंसी में 25% की वृद्धि हुई है

उनके अनुसार, “यह सब mindset और ownership का सवाल है — यानी भविष्य को टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर आकार देने की हिम्मत।”

 EY India: Talent Review से Real-Time Assessment तक

EY India के पार्टनर अनुराग मलिक का कहना है कि भविष्य में HR की प्रमुख स्किल्स होंगी —

  • AI Fluency

  • Human-AI Orchestration

EY की AI-आधारित प्लेटफॉर्म Competency Connect तकनीकी, फंक्शनल और बिहेवियरल असेसमेंट को जोड़कर कर्मचारियों के लिए पर्सनलाइज्ड डेवलपमेंट प्लान तैयार करती है।

अब हाई-पोटेंशियल टैलेंट की पहचान वार्षिक रिव्यू में नहीं बल्कि “in the flow of work” यानी रोज़मर्रा के काम के दौरान हो रही है।

 Raymond, Simplilearn और Ericsson भी इस रेस में

 Raymond Group

HR प्रेसीडेंट के. ए. नारायण के अनुसार, कंपनी अब “AI Literacy, Analytical Skills, और Futuristic Business Modelling” पर ध्यान दे रही है।
Raymond आने वाले साल में अपने KPI और Leadership Competencies के साथ-साथ AI स्किल्स को भी समान वेटेज देगा।

 Simplilearn

CHRO अर्चना कृष्णा कहती हैं,
“हम अब GenAI का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि सीखने की क्षमता, इनोवेशन पैटर्न और AI वर्कफ्लो में एडाप्टेबिलिटी के आधार पर टैलेंट की पहचान की जा सके।”
उनके अनुसार, कंपनी का नया HR फ्रेमवर्क 75% पारंपरिक परफॉर्मेंस और 25% भविष्य-तैयारी (Future Readiness) पर आधारित है।

 Ericsson

Priyanka Anand, हेड HR (Southeast Asia, Oceania & India) कहती हैं कि “AI ने नेतृत्व की परिभाषा नहीं बदली है।
Empathy, Inclusion और Collaboration अब भी केंद्र में हैं।
लेकिन अब हम कर्मचारियों की potential को एक नए दृष्टिकोण से देख पा रहे हैं।”

Ericsson के प्लेटफॉर्म Degreed और Career Hub कर्मचारियों को अपनी स्किल्स दिखाने और ग्रोथ ट्रैक करने का मौका देते हैं।

 AI for Internal Talent: नया HR फ्रेमवर्क (सारांश)

कंपनी HR प्रमुख AI का उपयोग प्रमुख परिणाम
Zensar विवेक रंजन ZenseAI SPARK हैकाथॉन हाई-पोटेंशियल टैलेंट की पहचान
Innovaccer सत्यजीत मेनन Human + AI Partnership 15–20% ज्यादा सटीकता, 40% ट्रेनिंग समय में कमी
IIFL Finance प्रीति कन्नन AI Helpdesk, Talent Analytics 25% रिस्पॉन्स एफिशिएंसी बढ़ी
EY India अनुराग मलिक Competency Connect रियल-टाइम असेसमेंट, AI फ्लुएंसी
Simplilearn अर्चना कृष्णा GenAI आधारित मूल्यांकन 75% पारंपरिक + 25% AI स्किल बैलेंस
Ericsson प्रियंका आनंद Degreed, Career Hub भविष्य-केंद्रित स्किल डेवलपमेंट

 Key Highlights

  • कंपनियों में AI for internal talent अब HR का मुख्य टूल बन रहा है।

  • AI मदद कर रहा है छिपे हुए टैलेंट को पहचानने और बायस घटाने में।

  • HR की भूमिका डेटा एनालिटिक्स, AI-फ्लुएंसी और लर्निंग एजिलिटी पर केंद्रित हो रही है।

  • कई कंपनियों ने ट्रेनिंग टाइम और HR एफिशिएंसी में 20–40% सुधार दर्ज किया है।

  • अब निर्णय Human + AI Collaboration के तहत लिए जा रहे हैं।

FAQs

1. AI for internal talent क्या है?
AI for internal talent का मतलब है — कंपनी के मौजूदा कर्मचारियों में से ऐसे लोगों की पहचान करना जिनमें भविष्य में लीडर या इनोवेटर बनने की क्षमता हो, और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स की मदद ली जाती है।

2. कंपनियां टैलेंट पहचानने में AI का उपयोग कैसे कर रही हैं?
AI कर्मचारियों के परफॉर्मेंस डेटा, स्किल्स, लर्निंग पैटर्न और इनोवेशन क्षमता को एनालाइज करता है। इससे HR टीम को छिपे हुए टैलेंट की पहचान में मदद मिलती है।

3. क्या AI HR को पूरी तरह रिप्लेस कर देगा?
नहीं, AI सिर्फ निर्णय लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है।
अंतिम निर्णय अब भी इंसानों द्वारा ही लिए जाते हैं, लेकिन AI डेटा-आधारित insights प्रदान करता है।

 Disclaimer

यह लेख विभिन्न कंपनियों के HR अधिकारियों और रिपोर्टेड जानकारी पर आधारित है। इसमें बताए गए आँकड़े और बयान मीडिया रिपोर्ट्स से लिए गए हैं।